नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई ‘‘दम’’ नजर नहीं आया है। शीर्ष अदालत की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने प्रधान न्यायाधीश पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। उच्चतम न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल के कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में भी कहा गया है कि आंतरिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में गठित समित की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जायेगी। from India TV: india Feed http://bit.ly/300OHvC



No comments:
Post a Comment